ये सच्ची घटना पर आधारित एक छोटे शेहेर की लड़की मैथिलि की कहानी है जिसका पति संजय उसे मानसिकरूप से प्रताड़ित करते रहता था. कहानी तब एक नया मोड़ लेती है जब मैथिलि फैसला कर लेती है की अब वो और प्रताड़ना नहीं सहेगी और संजय के एक पीड़ित नौकर के साथ मिलकर बदला लेगी. जैसे जैसे मैथिलि के अंदर बदले की आग बढती गयी वैसे वैसे उसके स्वाभाव में भी परिवर्तन आया. वो एक प्यारी लड़की से बदलकर बदले की आग में जलने वाली एक औरत बन गयी. जिसे वो खुद नहीं पहचान पा रही है. क्या वो बदला लेगी? क्या वो फिर से वहीँ पुरानी प्यारी मैथिलि बन सकेगी?